स्वर्ण मंदिर अमृतसर एक अद्वितीय और खूबसूरत मंदिर। यह भारत के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है।

स्वर्ण मंदिर का निर्माण 16वीं शताब्दी में गुरु रामदास ने करवाया था। मंदिर का बाहरी हिस्सा सोने से मढ़ा हुआ है, इसलिए इसे स्वर्ण मंदिर कहा जाता है।

मंदिर एक विशाल परिसर में स्थित है। परिसर के बीचोबीच एक सरोवर है, जिसे अमृतसर साहिब कहा जाता है। मंदिर का मुख्य भाग इस सरोवर के बीचोंबीच स्थित है।

मंदिर का मुख्य भाग एक त्रिभुजाकार संरचना है। संरचना के ऊपर एक विशाल गुंबद है, जो सोने से मढ़ा हुआ है। संरचना के अंदर एक गर्भगृह है, जहां सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह की समाधि है।

मंदिर एक लोकप्रिय तीर्थस्थल है। यहाँ हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। मंदिर में लंगर नामक एक मुफ्त भोजनालय भी है, जो सभी लोगों के लिए खुला है।

1. मंदिर का बाहरी हिस्सा सोने से मढ़ा हुआ है। 2. मंदिर का मुख्य भाग एक त्रिभुजाकार संरचना है। 3. संरचना के ऊपर एक विशाल गुंबद है, जो सोने से मढ़ा     हुआ है।

स्वर्ण मंदिर की विशेषताएँ

4. संरचना के अंदर एक गर्भगृह है, जहां सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह की समाधि है। 5. मंदिर एक लोकप्रिय तीर्थस्थल है। 6. मंदिर में लंगर नामक एक मुफ्त भोजनालय भी है।

स्वर्ण मंदिर की विशेषताएँ

स्वर्ण मंदिर सिख धर्म के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। यह सिखों के लिए एक एकता का प्रतीक है। मंदिर सिख धर्म के इतिहास और संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।