कोणार्क सूर्य मंदिर भारत के ओडिशा राज्य के पुरी जिले में समुद्र तट पर स्थित एक 13वीं शताब्दी का सूर्य मंदिर है।

मंदिर को पूर्वी गंगा साम्राज्य के राजा नरसिंह देव प्रथम ने 1250 ईस्वी में बनवाया था। मंदिर अपनी अद्वितीय वास्तुकला और कलात्मक मूर्तियों के लिए प्रसिद्ध है।

मंदिर एक विशाल रथ के रूप में बनाया गया है, जिसे सात घोड़ों द्वारा खींचा गया है। मंदिर के मुख्य द्वार को 108 हाथियों की मूर्तियों से सजाया गया है।

मंदिर की दीवारों पर भगवान सूर्य और अन्य देवताओं की कई मूर्तियाँ उकेरी गई हैं। मंदिर का निर्माण लाल बलुआ पत्थर से किया गया है।

मंदिर की वास्तुकला बहुत ही सुंदर और भव्य है। मंदिर की ऊंचाई 229 फीट है और इसका व्यास 105 फीट है।

कोणार्क सूर्य मंदिर को 1984 में यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता दी गई थी। यह मंदिर भारत के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है।

कोणार्क सूर्य मंदिर हिंदू धर्म के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। यह मंदिर भगवान सूर्य को समर्पित है। मंदिर में हर साल लाखों की संख्या में भक्त और पर्यटक आते हैं।